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Triveni Dairy S2:E1: Results


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शुभांगी एक छोटे शहर के सामान्य परिवार में रहने वाली एक मेहनती लड़की है। हर समर्पित विद्यार्थी की तरह उसका भी सपना है विद्या की राजधानी "काशी हिंदू विश्वविद्यालय" में पढ़ने का।वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीए में स्नातककरना चाहती है।हर रोज की तरह आज भी शुभांगी आराम से सोफे पर बैठ कर अपने फोन में गेम खेल रही थी तभी प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित हो चुका है, ऐसा नोटिफिकेशन आता है। यह पढ़ते ही उसका दिल बुलेट ट्रेन की स्पीड से धड़कने लगता है और उसका गला रेगिस्तान की तरह सूख जाता है।"जब हम किसी चीज़ से घबरातेहैं और वो अचानक हमारे सामने आ जाती है तो हम सब का यही हाल होता है। शुभांगी कांपते हाथों से रिजल्ट चेक करने की हिम्मत जुटाती है। रिज़ल्ट खुलते ही अपनी रैंक देखकर खुशी से उछल पड़ती है।दिल की धड़कनें अब पैसेंजर ट्रेन की रफ्तार पकड़ लेती हैं और उसकी जान में जान आती है। वह खुशी और उत्साह से ज़ोर से चिल्लाती है। चिल्लाने की आवाज़ सुनकर उसकी दादी और मां तुरंत उसके पास आ जाती हैं। शुभांगी भागकर दोनों के पैर छूती है और गले लगाकर रिजल्ट के बारे में बताती है।वे दोनों बहुत खुश होते हैं और उसे ढेर सारा आशीर्वाद देते हैं। शुभांगी से खुशी के मारे रहा नहीं जाता है और वह तुरंत अपने पापा को फ़ोन करके यह खबर सुनाती है। वे खुशी से फूले नहीं समाते हैं और दफ्तर से आते वक्त उसकी मनपसंद मिठाई लेकर आते हैं।पूरे घर में खुशी का माहौल है।परंतु उसकी मां थोड़ी चिंतित हैं।अपनी बेटी को इतनी दूर भेजने में उन्हें थोड़ा संकोच हो रहा है। उनकी बेटी एक बिल्कुल ही नए शहर में नए लोगों के साथ कैसे एडजेस्ट करेगी।उनकी बेटी वहां अकेले कैसे रहेगी ,हॉस्टल का खाना कैसे खाएगी, एक बिल्कुल ही नए परिवेश में खुद को कैसे ढाल पाएगी, जो एक हफ्ते भी अपने परिवार से कभी दूर नहीं रही अब तीन साल सबसे दूर रहेगी।घर आएगी भी तो कुछ दिनों के लिए मेहमानों की तरह। यह सब सोच कर शुभांगी की मां का मन भारी सा हो जाता है। परंतु उसके पिता मां को समझाते हैं की उन्हें अपनी बेटी पर पूरा विश्वास है वो एक नए शहर में भी खुद को अच्छे से संभाल लेगी और पूरे लगन से पढ़ेगी।

शुभांगी को अब इंतजार है तो बस एडमिशन होने का।

To be continue !!

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